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मैं अपने चारो तरह देख रहा हूं तो मुझे एसार के डशे Dochoe Patong के जंगलं दिखाई दे रहे हैं मॉण जुल से जब जशित ।।।।।।।。 मैं दूर धेंखने की च्ार पेड़ि मुझे किस caramel में तो राही दिखाई दे्हवत। जैसे डस घर छोड़ के एक पेड़ है फिर कहीं पे पंदर घर छोड़ कर एक पेड़ है चारो तरह बस building ही building है कितना अजीब सा लगता है
एक उदास कंक्रीट का जंगल लगता है जहां ऐसा फिल होता है पतानी नरक में जैसे आग जल रहा हो इतना गरमी अस्मान भी उपर से देखता होगा तो नज़ाने क्या सोचता होगा कि यार नेचुरल चीजे इतनी चारी चीजे दी गईं भगवान के दोरा
पेड़ दिये गए, पोदे दिये गए, तलाब दिये गए चोड़े चोड़े, बड़े बड़े जानवर दिये गए
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